Indian Railway : अब वेटिंग का झंझट खत्म ! हर किसी को मिलेगा कन्फर्म टिकट, जानिए कैसे?

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Indian Railway : भारत में ट्रेन से यात्रा करना आसान नहीं है, खासकर त्योहारी सीजन में। होली – दिवाली हो या छठ पूजा इस दौरान टिकट के लिए इतनी लम्बी वेटिंग हो जाती है कि अधिकतर टिकटें कन्फर्म नहीं हो पति है। क्योंकि ज़्यदातर ट्रेनों के टिकट महीनों पहले ही बिक जाते हैं। जिसके कारण लोगों को घर जाने के लिए कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है। हालांकि अब टिकट के इंतजार की झंझट न सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि इंडियन रेलवे के लिए भी सिरदर्द बन गई है। रेलवे ने टिकट के लिए वेटिंग की झंझट को खत्म करने के लिए एक नई योजना बनाई है। इस योजना के तहत रेलवे 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा। आईये जानते है क्या है रेलवे की यह नई प्लान जिससे कि सबको मिलेगा कंफर्म टिकट

रेलवे ने बनाई कंफर्म टिकट की योजना

ट्रेन में यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने एक लाख करोड़ रुपये निवेश की एक योजना बनाई है। इस पैसे से नई ट्रेनें खरीदने का फैसला लिया गया है। अंग्रेजी दैनिक इकोनॉमिक्स टाइम्स से बात करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे (Indian Railway) वेटिंग लिस्ट की दिक्कतों को खत्म करने के लिए इस मेगा प्लान पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि योजना की लागत एक लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। इस योजना का लक्ष्य वर्षों से चल रही पुरानी ट्रेनों के बोगियों को बदलना है। इस योजना से रेलवे के बेड़े में 7 हजार से 8 हजार नई ट्रेनें शामिल हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में पुरानी ट्रेनों की जगह नई ट्रेनें ले लेगी। जिससे यात्रियों को पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी।

कैसे खत्म होगा टिकट के लिए वेटिंग का झंझट?

रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी। जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक यात्री ट्रेनों में यात्रा करते हैं। रेलवे हर दिन 10,754 यात्री ट्रेनों का परिचालन करता है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यदि ट्रेनों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है, तो इडियन रेलवे पर टिकटों की प्रतीक्षा की समस्या गायब हो जाएगी। ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर यात्राओं की संख्या भी बढ़ेगी। अगर आप हर दिन 3,000 अतिरिक्त यात्राएं जोड़ देंगे तो टिकट के लिए वेटिंग का झंझट खत्म हो जाएगा। वार्षिक आधार पर, हर साल 700 करोड़ लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। 2030 तक यह संख्या 1000 करोड़ तक पहुंच जाएगी। जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, ट्रेनों की संख्या भी बढ़नी चाहिए।

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